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transformer kya hai|kaise kaam Karta hai|transformer types

Transformer Kya Hai?kaise kaam Karta hai

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transformer diagram
transformer kya hai आपने अपने घर या घर के आस-पास, गली चौराहे पर  transformer जरूर देखा होगा जो आपके घरों में विद्युत आपूर्ति करता है| लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है की ये transformer kaise  kaam karta hai, transformer kitne prakar ka hota hai? transformer me energy losses kya hai?तो दोस्तों आज हम इसके बारे में बिस्तार से  जानेंगे इस article  के माध्यम से|
 
transformer एक मशीन है जो Alternating current (AC) प्रत्यावर्ती धारा पर ही काम करता है| basically transformer का मुख्य कार्य electricity विद्युत को step-up, step-down करना होता है| इसके अलावा transformer का कोई काम नहीं है|

transformer ka Invention khoj kisne Kiya?
Michael Faraday(माइकल फैराडे) 1831  ब्रिटेन (लंदन) 

sabse acha transformer ka core kiska hota hai?

Silicon steel से बना transformer का core सबसे अच्छा होता है| क्योकि ये Hysteresis  losses को रोकता है| 

transformer me Kiska oil hota hai?
transformer me naphtha oil भरा जाता है जो transformer में eddy current बनने से रोकता है

 
eddy current kya hai?
transformer में जहाँ कही भी खाली जगह(Empty space) होता है| वहा पर extra current उत्त्पन हो जाता है| जिसे eddy current कहते हैं| eddy current main/original current के Against work करता है|  Extra current उत्त्पन न हो इसके लिए Core में varnish का coating कर दिया जाता है| और  transformer में naphtha oil भर दिया जाता हैं 
 
transformer parts?
  1. Core 
  2. winding
  3. Tank
  4. Bush
  5. Buchholz Relay
  6. breather
  7. valve
  8. Radiator 
  • Core:-Core लचीला/ नर्म लोहा का बनाया जाता है| ये एक blade नुमा होता है| बचपन में अगर आप science में रूचि रखने वाले student रहे होंगे तो इस चीज से जरूर वाकिफ़ होंगे| और इसके साथ खेले भी होंगे| एक ही मोटा core न लगाकर इसमें बहुत सारी 150 -200 core को आपस में joint  करके एक बड़े आकर में ढाल दिया जाता है| eddy current उत्पन्न न हो इसके लिए varnish का लेप लगा दिया जाता हैं | 
  • winding:-Core के दोनों तरफ copper wire लपेटा जाता है| जिसे winding कहते हैं| इसपर जो winding की जाती है 2 परत में होती है पहली और दूसरी परत के बिच में एक कागज जिसे insulator कहते है लपेट दिया जाता है| किसी भी दशा में ये दोनों परते आपस में tuch नहीं होती हैं 

 

  • Tank:- Core जिसपर copper winding लपेटा गया होता है|  उठा कर tank में डाल दिया जाता है| eddy current न उत्पन्न हो  इसके इसमें  naphtha oil भर दिया जाता है| और इसके ऊपर से वेल्डिंग करके ढक दिया जाता है| मुख्य टैंक के ऊपर एक छोटा टैंक लगा दिया जाता है जिसे conservater tank/expension tank कहते हैं| transformer over heat होकर blast ना हो जाये इसलिए  इसका होना बहुत ही जरुरी होता है| 
  • conservater tank:-conservation/expanssion tank मुख्य टैंक से जुड़ा रहता है| इसमें भी naphtha oil आधा भरा रहता है आधा इसलिए क्योकि जब कभी मुख्य टैंक में oil evaporate हो जाता तो conservation टैंक का oil मुख्य टैंक में चला  जाता है| 

 

  • breather:- BreatherConservation tank के बाहर लगाया जाता है| ये मुख्यतः नीले रंग का होता है| इसके अंदरsilica gel भरा रहता है| सिलिका  का मुख्य काम हवा में नमी को absorb करना होता है| अगर कभी आप mobile, laptop ख़रीदे होंगे तो आपको  एक पाउच नुमा थैली box में देखने को मिला होगा| वही सिलिका है| Breather के निचे एक और device लगा रहता है| धूल-कण को रोकने का काम करना है| 

 

  • valve:- transformer के oil को  Drain करने लिए transformer के  निचे लगा रहता है जब कभी जरूरत पड़ती है तो इसे खाली किया जाता है| 

 

  • Buchholz Relay:- buchholz relay conservation tank और main tank के बीच में लगाया जाता है| इसके अंदर एक स्विच होता है जो पारा से कण्ट्रोल होता है, इसे दबाने की क्षमता को पारा mercury में भर दिया जाता है|  जब transformer overheat होता है| तो येही पारा ऊपर उठता है और स्विच को pressure से दबा कर स्विच ऑफ कर देता है| जिससे आगे की supply बंद हो जाती है| और transformer ब्लास्ट होने से बचा रहता है

 

  • Explosion valve/ vent:-कभी-कभी ऐसा होता है buchholz relay ख़राब हो जाता है| अब transformer ज्यादातर गली,मोहल्ला,बाज़ार के आस-पास लगाए जाते हैं| ऐसे में transformer अगर blast होता है| तो लोगो की जाने जा सकती है| जनता का जान-माल  का खतरा को मद्देनज़र रखते हुए| transformer में कड़ी सुरक्षा का इंतजाम होता है| explosion vent एक लम्बा पाइप होता है| (आजकल transformer में ये छोटा valve आ रहे है|)  जो main tank से जुड़ा रहता है| इसके अंतिम छोर पर कमजोर धातु की sieve छलनी लगी रहती जब transformer का तेल उबलता है तापमान बढ़ता है| तो यहाँ से तेल इस sieve छलनी को break तोड़कर बहार आ जाता है| जिससे transformer दुर्घटनाग्रस्त होने से बच जाता है

 

  • Cooling tube & radiator:-transformer के side में 4 जालीनुमा लोहे का radiator लगा रहता है| जब transformer ज़्यदा देर तक work करता  है| उसका तेल दूध की तरह उबलने लगता है| गरम तेल पतली पाइप के माध्यम से इस cooling chamber/radiator में पहुँचता है| radiator में पतली-पतली tube लगी होती है| जिसमे तेल होकर  गुजरता है और हवा के संपर्क में आकर ठंडा होकर फिर से transformer में चला जाता है| लेकिन जो बड़े-बड़े transformer होते है| जिनमें Power grid (110KV, 1130KV)से  direct line आती है| जैसे Power house sub station तो इस तरह के transformer में उच्च क्षमता वाले cooling fan लगे हुए होते है| जो लगातार transformer को ठंडा करते है| 
  • Bushing/terminal:-transformer के terminal से घरों तक विद्युत आपूर्ति supply आती है|  ये 2 प्रकार की होती है| 
  1. high voltage(HV)
  2. Low voltage(LV)
  1. high voltage(HV):- high voltage जो नजदीकी कस्बा, गांव, सहर के बिजली घरों से supply transformer में जाती  है| (11KV) 
  2. Low voltage(LV):- उस transfomer से 99% बिजली consume कर ली जाती है और आपके घर तक 250-300V  की सप्लाई आती है| जिसकी frequency 50 +- 5 hz होती है| भारत में जितने भी विद्युत उपकरण है| सभी 50-55 hz पर ही work करके है| लेकिन USA में 60hz के होते है| USA में electricity supply 60hz की होती है| 

energy losses in transformer in hindi 

दुनिया में अभी तक ऐसी कोई भी चीज नहीं बनी है जो 100% efficient हो|  transformer में electricity थोड़ा बहुत loss होती है| 
1. iron or core losses- two type
➜  Eddy current losses
 Hysteresis  losses 

 

  • Eddy current losses:-transformer के Core  में अगर कहीं भी थोड़ा सा भी जगह खाली होगा  तो वहाँ पर एक भॅवर धारा उत्त्पन हो जाती है| ये एक extra current होता है| जो बिपरीत दिशा में चलता  है| जिससे transformer की efficiency कम हो जाती है| इससे बचने की लिए core को एक मोटा लोहा न बना कर, बहुत सारे छोटे-छोटे blade को आपस में समायोजित करके उनपर varnish का लेप लगा दिया जाता हैं| इसे ही Eddy current losses कहते हैं| 

 

  • Hysteresis  losses:- जब किसी धातु (ferro magnetic) में विद्युत प्रवाहित किया जाता है| तो उसमे चुम्बक के गुण आ जाते हैं| और जब विद्युत प्रवाहित बंद हो जाती है तो चुम्बकीय गुण ख़तम  जाता है| चुकी transformer AC(alternating current) पर काम करता है| जैसा की आप जानते है ac currrent लहरदार(sinuous) होता है| जिसके चलते इसकी दिशा बदलती रहती है| तो एक बार ये magnetic होगा और एक बार नहीं होगा| तो core में भी same process होता है| जिसके कारण एक ऊष्मा heat उत्त्पन होती है| जिसे Hysteresis losses कहते है| इससे बचने के लिए Silicon steels का core  बनाने में  इस्तेमाल करके इस समस्या से निजात पाया जा सकता है| 
2. copper or ohmic losses
  • ohmic losses:– दोस्तों जैसा की आप जानते है| ohm का नियम प्रतिरोध से सम्बंधित है| किसी भी metal के अंदर धारा को रोकने के लिए एक प्रतिरोध काम करता है| जिसे ohmic loss कहते हैं| 
  • copper losses:– ohmic losses को ही copper loss कहते है| इससे भी धारा loss हो जाती है| उदाहरण के तौर पर मान लिए आपका 5 floor वाला एक घर है| जिसकी विद्युत आपूर्ति 1 floor से गई है| और आप 10 दिन के लिए कही बाहर घूमने चले जाते है| और आपने main MCB OFF नहीं किया है केवल सभी room का स्विच को बंद कर दिया है| तो क्या बिजली BILL आएगा? जी हाँ बिल्कुल आएगा| अपने MCB off नहीं किया है| जिसके कारण आपके 1 floor से जहाँ- जहाँ wiring हुई है| उनमे तो current बराबर flow हो रहा है| यहाँ पर एक प्रतिरोध काम कर रहा है| जिसे copper losses कहते है| 
3. stray losses 
Stray losses normal transformer जो आपके गली, मोहल्ला, क़स्बा में लगे होते हैं| इनमे ये losses नहीं होता | ये heavy transformer जो  Powerhouse में लगे होते है उनमे देखने को मिलता है| 
 
4.Dielectric losses
dielectric losses core में insulator जैसे Varnish या Paper लगाने के कारण जो loss उत्त्पन होता है dielectric losses कहते हैं| 
 
5. Magneto striction losses
दोस्तों अगर आप कभी किसी transformer के पास से गुजरे होंगे तो आपको एक झनझनाहट (Sensation)  की आवाज़ जरूर सुनने को मिली होगी| इस तरह की ध्वनि उत्त्पन करने में transformer बिजली से ही ऊर्जा खपत consume करता है| तो इस तरह के losses को Magneto striction losses कहते हैं| 
 

types of transformer? transformer kitne prakar ka hota hai?

Output voltage के आधार पर transformer को 2 भागो में बाटा गया है| 
  1. step-up,
  2. step-down 
  • step-up:- इस तरह के transformer voltage को (step-up) बढ़ा देते हैं| अगर 11KV Generate हो रहा है तो 33KV में बदल देते हैं| इस तरह के transformer के primary winding में कम term यानि की घुमाव कम होता है| Primary side से low voltage दिया जाता है| और Secondry side से high voltage प्राप्त किया जाता है| step-up transformer काउपयोग Production केंद्र में transmission के लिए  किया जाता है| इसके प्राइमरी साइड में 3 phase delta में रहते है| और secondry phase में भी  3 phase delta में रहते हैं| आपके घरों में Main line, और refrigerator पर रखा stabilizer भी इसी का उदाहरण है| 
step-up-transformer
step-up transformer
 
  • step-down:-इस तरह के transformer voltage को (step-down) घटाने का काम करते हैं| 11KV को Consume करके 250-420V में बदल देते है| step-downtransformer के primary winding में ज्यादा घुमाव (terms) होते है| primary side से high voltage दिया जाता है| और secondry side से low voltage प्राप्त किया जाता है| step-down transformer का उपयोग Distribution में किया जाता हैं | 
step-down-transformer
step-down transformer
 
transformer ki dakshata kitni hoti hai?
dakshata paribhasha किसी भी मशीन की Output और Input के अनुपात को dakshata कहते हैं| 
transformer एक दक्ष मशीन है| क्योकि इसमें कोई भी Rotating Part नहीं होता हैं| ये एक static (स्थिर) उपकरण है इसमें किसी भी प्रकार का घर्षण नहीं होता| इसलिए transformer ki dakshata 90-99 % तक रहती है| 
transformer का output कभी भी constant स्थिर) नहीं रहता है| क्योकि transformer का output इसके load पर depend करता है| ज्यादा load होगा तो इसकी धारा बदल जाएगी| 

n=output power/input power 
n=output power/output power+losses

safety of transformer in hindi?

  • winding temperature:-  अगर ट्रांसफार्मर का तापमान (70°C-85°C) के बिच है तो इसका मतलब transformer safety condition में work कर रहा  है| अगर ट्रांसफार्मर का ताप इससे ज्यादा बढ़ता है| तो buchholz relay अपने आप supply off कर देगा| 
  • Oil temperature:- अगर transformer के oil (तेल) का temperature (60°C-75 °C) के बीच में है तो उसको safe condition में माना जाता है| 
  • buchholz relay:- buchholz relay एक device होता है, जिसमे एक switch लगा रहता है| जो  पारा से control होता है|| जब transformer का temperature बहुत ज़्यदा बढ़ जाता है| तो buchholz relay में उपस्थित पारा switch को off कर देता है|
  • Door open:- door opening का मतलब ये है की transformer में कही से भी opening, leakage नहीं होना चाहिए| पूरी तरह से shield होना चाहिए| 
  • silica gel:- silica gel का color अगर blue है तो ये healty condition में है| जब ये खराब होने लगता है तो ये blue से orange color में परिवर्तन हो जायेगा| 


autotransformer kya hai?

autotransformer kya hai, auto transformer में सिर्फ एक ही वाइंडिंग का उपयोग किया जाता  है| auto transformer self-inductance(स्वः प्रेरण) के सिद्धांत पर काम करता है| जबकि 3 phase transformer mutual-inductance पर काम करता है|  auto transformer में winding  एक दूसरे को tuch नहीं करती हैं| और एक दूसरे से चुम्कीय रूप में जुडी रहती है| 
auttransformer की वाइंडि वैद्युत और चुम्कीय रूप से जुडी रहती है| 
autotransformer में ऊर्जा एक परिपथ से दूसरे परिपथ में inductance और conduction के माध्यम से  चालित होती है| 
auto transformer में leakage flux का मान बहुत ही कम होता है| leakage flux बहुत कम होने के कारण auto transformer की KVA Rating बहुत ज्यादा होती है| 
 

auto transformer ka use kya hai?

  • induction motor on करने में 
  • प्रयोगशालाओं में variable voltage प्राप्त करने में| 

dry transformer kya hai?

dry transformer जैसा की आपको इसके नाम से ही पता चल गया है|  की इस तरह के transformer में oil  तेल का इस्तेमाल नहीं होता है| 
dry transformer 2 प्रकार के होते है| 
  1. Cast resin 
  2. vacuum pressure impregnated 
  • Cast resin:- इस तरह के transformer नमी वाले छेत्र(moisture area) में Use किया जाता है| जहाँ पर आग लगने का Chance ज़्यदा रहता है| इस तरह की जगहों पर cast resin transformer इस्तेमाल में लिया जाता है| क्योकि Cast resin transformer की winding epoxy resin में winding enclosed होती है| Cast resin transformer की rating 25 KVA से 12500 KVA तक होती है| 
  • vacuum-pressureimpregnated:-vacuum-pressure impregnated transformer की windings और core vacuum pressure box के अंदर होती है| इसलिए इसे impregnated कहते है| जो नमी के बुरे प्रभाव से बचाता हैं| vacuum pressure impregnated ki rating 5KVA से 30 KVA तक होता हैं|  
 
दोस्तों उम्मीद करता हु transformer kya hai, transformer Kaise kaam Kartatransformer kitne prakar ka Hota hai? transformer me energy losses kya hai इसके regarding आपके  doubt clear हो गए होंगे| फिर भी अगर आपका कोई सवाल है तो हमें comment जरूर करें| 
 
 
 
 

transformer me kiska oil hota hai

ट्रांसफार्मर में “naphtha oil” भरा जाता है जो की ट्रांसफार्मर में eddy करंट उत्पन्न होने से रोकता है|

transformer ki khoj kisne kiya thaa

ट्रांसफार्मर की खोज Michael Faraday (माइकल फैराडे) ने किया था 1831  ब्रिटेन (लंदन) 

 
sabse acha transformer ka core kiska hota hai?

Silicon steel से बना ट्रांसफार्मर का core सबसे अच्छा होता है क्योकि ये Hysteresis  losses को रोकता है

eddy current kya hai

ट्रांसफार्मर में जहाँ कही भी खाली जगह (Empty space) होता है वहां पर extra current उत्त्पन हो जाता है जिसे eddy current कहते हैं eddy current main/original current का विरोध करता है Extra current उत्त्पन न हो इसके लिए Core में varnish का coating कर दिया जाता है और  transformer में naphtha oil भर दिया जाता हैं 

arvind

Hey, this is Arvind A full-Time Blogger & Digital Marketer, freelancer, blogging guidance

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